श्री दुर्गा आपदुद्धाराष्टकम्

श्री दुर्गा आपदुद्धाराष्टकम् नमस्ते शरण्ये शिवे सानुकम्पे, नमस्ते जगद्व्यापिके विश्वरूपे | नमस्ते जगद्वन्द्यपादारविन्दे, नमस्ते जगत्तारिणि त्राहि दुर्गे ||१||   नमस्ते जगच्चिन्त्यमानस्वरूपे, नमस्ते महायोगिनि ज्ञानरूपे ।…

View More श्री दुर्गा आपदुद्धाराष्टकम्

भवान्यष्टकम्

भवान्यष्टकम् न तातो न माता न बन्धुर्न दाता न पुत्रो न पुत्री न भृत्यो न भर्ता। न जाया न विद्या न वृत्तिर्ममैव गतिस्त्वं गतिस्त्वं त्वमेका…

View More भवान्यष्टकम्

सनातन धर्म – एक विज्ञान

विश्व परिदृश्य में जीवन जीने की परिमार्जित एवं परिशुद्ध पद्धति, विधान, कर्म सिद्धांत का आधार पूर्णतः सनातन धर्म के अभिन्न अंग है। अनुशासित जीवनशैली को…

View More सनातन धर्म – एक विज्ञान

देवीमयी..तव च का किल न स्तुतिरम्बिके !

तव च का किल न स्तुतिरम्बिके !                       सकलशब्दमयी किल ते तनु: । निखिलमूर्तिषु मे भवदन्वयो                     मनसिजासु बहि:प्रसरासु च ।। इति विचिन्त्य शिवे !…

View More देवीमयी..तव च का किल न स्तुतिरम्बिके !