सर्वकामप्रद श्रीगणेशाष्टकम

सर्वकामप्रद श्रीगणेशाष्टकम श्री गणेश पुराण के अंतर्गत उपासना खंड में महर्षि कश्यप की प्रेरणा से भक्तों ने सामूहिक रूप से इस श्रीगणेशाष्टक स्तोत्र को भगवान…

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श्रीदुर्गाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम्

ॐ श्री दुर्गायै नमः श्रीदुर्गाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् ईश्वर उवाच शतनाम प्रवक्ष्यामि शृणुष्व कमलानने। यस्य प्रसादमात्रेण दुर्गा प्रीता भवेत् सती।। 1।। ॐ सती साध्वी भवप्रीता भवानी भवमोचनी। आर्या…

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भवान्यष्टकम्

भवान्यष्टकम् न तातो न माता न बन्धुर्न दाता न पुत्रो न पुत्री न भृत्यो न भर्ता। न जाया न विद्या न वृत्तिर्ममैव गतिस्त्वं गतिस्त्वं त्वमेका…

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गोविन्दाष्टकम।।सदा तं गोविन्दम परमसुखकंदम भजत रे….

चिदानंदाकारं श्रुतिसरससारं समरसं ……….. सदा तं गोविन्दम परमसुखकंदम भजत रे…. हे ! मनुष्य उस परमानन्दकन्द गोविन्द का सदैव भजन कर।

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परमेश्वरस्तोत्रम

परमेश्वर प्रभु से की गई प्रार्थना, जो जीवन के समस्त पापों से उद्धार कर देती है. इस स्तोत्रम का नित्य प्रतिदिन पाठ करना चाहिए। ।।जनतारण…

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श्री कैवल्याष्टकम

श्री हरि नाम स्मरण ही सर्वश्रेष्ठ साधन । केवल श्री हरि नाम स्मरण जीवन के अनेक पाप राशियों को तत्काल भस्म कर देता है। प्रातः…

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कालभैरवाष्टकं

भगवान भैरव भोलेनाथ के अंश के रूप में प्रतिष्ठित हैं। भगवान भैरव स्मरण और पूजन मात्र से अनेक कष्टों को दूर कर देते हैं। राहु-केतु…

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चतुःश्लोकी भागवत (अर्थ सहित)

यदि मनुष्य नित्य नियमित चतुःश्लोकी भागवत का पाठ करता है तो उसके सभी मानसिक संताप तत्क्षण दूर हो जाते हैं। कहा गया है कि -…

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