अष्टमूर्तिस्तव||संजीवनी विद्या प्रदान करने वाली स्तुति||(संस्कृत एवं हिंदी में)

महर्षि भृगु के वंश में उत्पन्न श्री शुक्राचार्य महान् शिवभक्तों में परिगणित है। इन्होने काशीपुरी में आकर एक शिंवलिंग की स्थापना की, जो शुक्रेश्वर नाम…

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सत्य की महिमा || श्रीशिवमहापुराण, उमासंहिता

सनत्कुमार जी कहते हैं-हे व्यासजी सत्य ही परब्रहम है, सत्य ही परम तप है, सत्य ही श्रेष्ठ यज्ञ है और सत्य ही उत्कृष्ट ज्ञान है।…

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कालभैरवाष्टकं

भगवान भैरव भोलेनाथ के अंश के रूप में प्रतिष्ठित हैं। भगवान भैरव स्मरण और पूजन मात्र से अनेक कष्टों को दूर कर देते हैं। राहु-केतु…

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जागेश्वर धाम में स्थित पुष्टि देवी जी के प्रधान पंडित जी के साथ धार्मिक चर्चा

पंडित कमल भट्ट जी (जागेश्वर धाम, अल्मोड़ा, उत्तराखंड, भारत  में स्थित) पुष्टि देवी जी के प्रधान पंडित जी है. आप पूजा पाठ के अतिरिक्त धार्मिक…

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यही कारण है की रुद्राक्ष धारण करें और रोगों से मुक्ति पाएँ………….

रुद्राक्ष सुरक्षा कवच प्रदान करता है और सभी दुर्घटनाओं और नकारात्मक ऊर्जा से बचाता है, रक्षा करता है। आध्यात्मिक रूप से अग्रिम और शक्तिशाली बनाता…

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जागेश्वर धाम

आस्था एवं विश्वास की धरोहर बाबा भोलेनाथ का धाम जागेश्वर प्राकृतिक सौंदर्य से अतुलनीय पवित्र स्थान है यह उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले से 35 किलोमीटर…

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जानिए….शिखा (चोटी) रखने का वैज्ञानिक कारण

शिखा रखने से साधना के प्रति ध्यान गहरा होता है और परमात्मा के प्रति स्नेह और प्रेम मे वृद्धि होती है।

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चतुःश्लोकी भागवत (अर्थ सहित)

यदि मनुष्य नित्य नियमित चतुःश्लोकी भागवत का पाठ करता है तो उसके सभी मानसिक संताप तत्क्षण दूर हो जाते हैं। कहा गया है कि -…

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